मेरा संकल्प... आज मैं बहुत खुश हूँ, अपनी असफलताओं पर, अपनी सफलताओं पर, अपनी परिस्थितियों से, अपनी ज़िंदगी के हर सुख दुःख भरे लम्हों से... दुनिया में हरेक घटना का एक महत्त्व होता है, एक कारण होता है। ये कारण ही कार्य में परिवर्तित होता है और कार्य फिर से कारण बन जाता है। कोई भी बात निरर्थक नहीं होती। हमें अपने प्रयासों के बाद जो परिणाम प्राप्त होते हैं, वही हमारी परिस्थितियों के संचालक होते हैं। हमें पता भी नहीं चलता और हम धीरे-धीरे उन परिस्थितियों में ढलते चले जाते हैं। मैं अपनी असफलताओं पर भी खुश हूँ क्योंकि मेरा आज मेरे अनुसार है। उन असफलताओं के बावजूद परिस्थितियां ठीक वैसी ही हैं, जैसी मैं चाहता था। कभी-कभी हम छोटी-छोटी चोटों पर तिलमिला उठते हैं, अपने आप पर खीझ उठते हैं या दूसरों पर खीझ निकालने के मौके तलाशने लगते हैं पर यदि आपसे कोई कहे कि ये चोटें भी कुछ देकर जाती हैं तो शायद आश्चर्य ही हो पर मैंने इस सच को महसूस किया है, मुझे इन चोटों से बहुत कुछ मिला है। मुझे ही नहीं बल्कि मुझसे पहले कई लोगों को इनसे बहुत कुछ मिला है। इन्हे समझने के लिए एक अलग दृष्टिकोण चाहिए, एक अलग जागर...
It is a little lamp of truth, which is giving dim light of truth but it has thousands of suns inside it...