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परमसत्य की खोज...27 (Discovery of the absolute truth ... 27)

 (अंतर्यात्रा)

परमसत्य की खोज...27

29 दिसम्बर 2003

इस संसार में ऐसी कोई चीज नहीं, जो व्यर्थ हो।

-9:00 A.M. 

मैंने जान लिया कि ये जीवन एक भ्रम है, एक सपना है, तो सपने पर क्या खुश होना और क्या दुखी होना। सपने में क्या लाभ और क्या हानि। सपने पर कैसा राग और कैसा द्वेष। कैसा शोक, कैसी व्याकुलता। तो फिर सपने पर मैं क्यों रोऊँ। क्यों क्रोधित होऊं। क्यों दुखी होऊं। हाँ, आनंदित जरूर हो सकता हूँ।

-9:10 A.M. 

मैंने जान लिया कि मृत्यु क्या है? मैंने जान लिया मृत्यु का रहस्य। मृत्यु एक अवस्था है, एक स्वप्न के टूटने से दूसरे स्वप्न के शुरू होने के बीच की। अवस्था है एक जीवन के अंत तथा दूसरे जीवन के आरम्भ के बीच की। पर मेरे लिए मृत्यु होगी स्वप्न के टूटने के बाद जागने की अवस्था। पूर्ण जाग्रति। मेरे लिए मृत्यु अवस्था होगी जीवन के अंत के बाद परम जीवन में प्रवेश की। मेरे लिए मृत्यु अवस्था होगी मेरी शक्ति की परम शक्ति में विलय की। मेरे लिए मृत्यु अवस्था होगी पूर्ण मुक्ति की, पूर्ण आनंद की, परम आनंद की। मेरी मृत्यु मेरे लिए एक उत्सव होगी, एक महा उत्सव।

-9:50 A.M. 

परम सत्य मेरे बिलकुल निकट है। परमशक्ति मेरे बिलकुल निकट है। मेरी पूर्ण मुक्ति मुझसे बिलकुल निकट है। मैं बढ़ रहा हूँ, निरंतर, निश्रान्त, परम शक्ति की ओर।

-10:55 A.M. 

मेरी चेतना जा रही है, इस दुनिया से दूसरी दुनिया में।  मेरा होश जा रहा है, इस जहाँ से उस जहाँ में।

-11:00 A.M. 

सात द्वार आए मेरे जीवन में मोह के, पर हर बार, हर द्वार में प्रवेश करने से मैं बच गया, अपनी अंतर्प्रेरणा के कारण, अपनी अंतर्चेतना के कारण।

-11:20 A.M. 

कल तक ज़िंदगी सवालों के काँटों से लदा बबूल थी, आज जिंदगी जवाबों से खिला हुआ महकता गुलशन है। कल तक जिंदगी सवालों का भयावह जंगल थी, आज जिंदगी जवाबों का बहता शीतल, सुरम्य तृप्तिदायक झरना है।

-12:15 P.M. 

Adventure of the Truth…

Discovery of the absolute truth ... 27

December 29, 2003

There is no such thing in this world that is meaningless.

-9:00 A.M.

I know that this life is an illusion, a dream, so why we should happy and why we should sad on the dream. What is profit and what is loss in a dream. Why disappointment on dreams. Why sorrow, why distraction. Then why should I cry over the dream. Why should I get angry? Why should I be sad? Yes, I can definitely be blissful.

-9:10 A.M.

I have known what the death is? I have known the secret of death. Death is a stage, between the breaking of one dream and the beginning of another. It is the stage between the end of one life and the beginning of another life. But for me death will be the state of waking up after the dream breaks. Complete awakening. For me death will be the stage to enter the ultimate life to enter the ultimate life after the end of this life. For me, death will be the stage of merging of my power into the ultimate power. For me, death will be a state of complete liberation, complete bliss and absolute bliss. My death will be a celebration for me, a great celebration.

-9:50 A.M.

The absolute truth is very close to me. The ultimate power is very close to me. My absolute salvation is very close to me. I am moving, continuously, uninterruptedly, tirelessly, towards the ultimate power.

-10:55 A.M.

My consciousness is going from this world to another world. My senses are going, from this world to that world.

-11:00 A.M.

Seven doors of fascination came into my life, but every time, I escaped by entering every door, because of my intuition, because of my inner voice.

-11:20 A.M.

Till yesterday, life was an acacia full of thorns of questions; today life is a garden full of fragrance of answers. Till yesterday, life was a terrible jungle of questions; today life is a cool, picturesque, waterfall flowing with answers.

-12:15 P.M.

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