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जनरेशन गैप का मनोविज्ञान... (Psychology of Generation Gap...)


जनरेशन गैप का मनोविज्ञान...
'जनरेशन गैप एक छोटा सा शब्द है जो आपको मॉडर्न होती युवा पीढ़ी में टीन-एजर्स और उनके माता-पिता के बीच होने वाली बहस में कहीं भी सुनने को मिल जाएगा। ये शब्द कोई नया नहीं है, पीढ़ियों से उपयोग में आता रहा है और पीढ़ियों तक उपयोग में आता रहेगा। आइये, जाने क्या है इसका मनोविज्ञान...
जनरेशन गैप दो पीढ़ी में एक-दूसरे को समझ न पाने की भावना को लेकर मतभेद की स्थिति है। क्यों होता है यह मतभेद...? जनरेशन गैप का मुख्य कारण है माता-पिता का बच्चों को वे काम करने से मना करना जो या तो वे खुद कर चुके होते हैं या कर रहे होते हैं, जिससे बच्चे भावनात्मक रूप से अपने माता-पिता के प्रति विश्वास की भावना खो बैठते हैं। विश्वास के जाने से संबंधों में अपेक्षित अनिवार्य श्रद्धा ख़त्म होती जाती है और वे अपनी पुरानी पीढ़ी को सम्मान नहीं दे पाते। यदि आप किसी को कोई काम करने से मना करते हैं और खुद उस काम को करते हैं तो उसके मन से आपके प्रति श्रद्धा स्वाभाविक रूप से चली जाएगी। अतः उपदेशक बनने से पहले हमें अपने सिद्धांत पर अमल करने वाला कर्ता होना चाहिए।
जनरेशन गैप हक़ीक़त में कुछ भी नहीं, केवल एक पीढ़ी का दूसरी पीढ़ी के प्रति अविश्वास है, एक असुरक्षा की भावना है कि दूसरी पीढ़ी हमें नहीं समझ सकती। यह केवल परिस्थितियों का फर्क है, केवल नजरिये का फर्क है। जब हम युवा होते हैं तो वृद्ध पीढ़ी से घृणा करते हैं या सोचते हैं कि इनके जीवन से आनंद विद्दा ले चुका है इसलिए ये हमसे ईर्ष्या करते हैं और जब हम वृद्ध होते है तो सोचते हैं कि हमने अपने अनुभवों के रूप में दुनिया देखी है और हमारी संतानें हमें नहीं समझ कर वही गलती करने जा रही है जो हम कर चुके हैं। कुछ गलतियां अवश्यम्भावी होती हैं। इन्हें तो हर किसी को करना ही होता है। गलती से बचाने वाले को अगर एक मौका फिर मिले तो वह दोबारा भी वही गलती करेगा। इन गलतियों से न कोई बचा है, न कोई बचेगा। फिर भी इन गलतियों को कर चुका आदमी कहता है कि इन्हें मत करो लेकिन नया आदमी इन गलतियों को किये बिना नहीं रह सकता। यह फर्क बुनियादी है। यह फर्क केवल कुछ विचारों का है। यह फर्क केवल कुछ दृष्टिकोणों का है। एक ही चीज अलग-अलग कोणों से अलग-अलग दिखाई पड़ती है। यह फर्क वस्तु में नहीं बल्कि दृष्टिकोणों का है, देखने के स्थान का है। वृद्धावस्था में अनुभवों का अहंकार होता है तो युवावस्था में यौवन तथा शक्ति का मद रहता है।  यह केवल परिस्थितियों और उम्र का फर्क है।  आपके दादा के दादा ने भी इस जनरेशन गैप को महसूस किया, आपके दादा और पिता ने भी महसूस किया, आपने भी महसूस किया, आपके बच्चे भी महसूस करेंगे और आपके बच्चों के बच्चे भी महसूस करेंगे। इस जनरेशन गैप को कोई नहीं मिटा सकता।
-११ अगस्त २००२ 

Psychology of Generation Gap...


‘Generation Gap’ is a small word that you will get to hear anywhere in the debate between teenagers of the modern younger generation and their parents. The word is not new; it has been in use for generations and will come in use for generations. Let come and know what its psychology is...
Generation Gap is the state of differences in two generations taking the spirit of not understanding each other. Why these differences...?
The main reason of generation gap is to refuse by the parents to the children to those works which either they have done already or they are doing in their daily life. The children emotionally lose the spirit of trust to their parents. After going the trust, essentially required faith in the relationship ends and it becomes hard for them to give the essential respect to their older generation. If you refuse anyone to do any work and do the same work yourself then the faith towards you will naturally go away from his mind. Therefore, before becoming a preacher, who offers his theory to others, we must apply it ourselves.
Generation Gap is nothing in reality, is only disbelief of one generation to the second generation, is a sense of insecurity that the other generation cannot understand us. It is only the difference of circumstances, the only difference of viewpoints. When we are young, we hate older generation or think that joy has taken away from their life so they envy us and when we are old, we think that we have seen the world as our experiences and our children do not understand and are making the same mistakes that we have done. Some mistakes are inevitable, everyone has to do it. One who wants to escape someone to do a mistake, if he get another chance, he will repeat the same mistake. Neither one escaped with these mistakes nor one will escape. Yet the man who had done these mistakes says that don’t do it but the new man cannot live without doing these mistakes. This difference is basic. The difference is only of a few ideas. The difference is only a few viewpoints. The same thing seems to be different from different angles. This difference is not in the object, it is of the views, it is of the place to look. In old age there is the ego of experiences then youth is full of pride of power. It is only the difference of circumstances and the age. Your grandfather also felt the generation gap, your grandfather and father felt, you felt, your child will also feel and your children's children will feel, nobody can erase the generation gap.
-11 August 2002

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