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मौत-एक साक्षात्कार (Death- An Interview)


मौत-एक साक्षात्कार

वो एक सपना था...
सपना था...?
जो भी हो, पर अपना था...

सन्नाटों भरी रात...
मैं चला जा रहा था , अँधेरे को चीरते हुए,
किसी की तलाश में,
शायद तन्हाइयों की तलाश में...

मैं तनहा था, लेकिन तन्हा नहीं था,
मेरे साथ ज़माने के शोरगुल चल रहे थे,
जो मेरे अंदर गूँज रहे थे...

और तब कहीं दूर से किसी के हंसने की आवाज़ सुनाई दी,
मैं हैरान होकर खोजता चला जा रहा था,
और कहकहे गहरे होते चले जा रहे थे...

तभी एक अदृश्य कल्पना ने आकार लिया,
मैं हैरान था,
तभी एक आवाज़ गूंजी-
"शायद तुम्हे मेरी ही तलाश है !"
मैंने विस्मित होकर पूछा-"तुम कौन हो ?"
आवाज़ फिर गूंजी -"मौत"
मैंने आत्मविश्वास के साथ कहा -"हाँ, मुझे तुम्हारा ही इंतज़ार था... "
कहकहा फिर गूंजा-"ये इंतज़ार कभी ख़त्म नहीं होगा..."
मैंने  पूछा-" क्यों?"
जवाब मिला-"क्योंकि मैं तुम्हे कभी नहीं मिल सकती..."
मैंने पूछा-"क्यों?"
जवाब मिला-"मैं तो उन लोगों का पीछा करती हूँ जो मुझसे दूर भागते हैं, पर तुम तो खुद ही मुझे ढूंढ रहे हो? मुझे डर है कि कहीं तुम मुझे जान न लो क्योंकि जो मुझे जान लेता है, वह मुझसे हमेशा के लिए दूर हो जाता है..."
और परछाई अदृश्य हो गई। 
-३० मार्च २००२

Death- An Interview

It was a dream...
Dream..?
Whatever, but it was my own...

A night filled with silence...
I was walking, by piercing through the darkness,
Looking for someone,
Perhaps looking for loneliness...

I was sequestered, but not sequestered,
Worldly noise were running with me,
Which were echoing inside me...

And then remotely, the sound of someone’s laughing was heard,
I was shocked and searching,
And laughters were going to be deeper...

Then an invisible imagination took shape,
I was surprised,
Then a voice echoed-
“Probably, you are looking for me!”
I asked in amazement-“who are you?”
The voice echoed again-“Death”
I said with confidence-“yes! I was waiting for you...”
Again laughter echoed-“The wait will never end...”
I asked-“Why..?”
Answer was found-“Because I could never get you...”
I asked-“Why..?”
Answer was found-“I chase them, who run away from me in fear, but you're looking for me own? I fear, you not let me know because who knows me he gets away from me forever...”
And the shadow disappeared.
-30 Mar 2002

One who lives in the illusion their present is perfected and satisfied. But one who want to face the truth by breaking up the circumferences of the illusion their present is always tragic and unsatisfactory...
-21 Apr 2002

Truth has to meet the criterion...
-25 Apr 2002

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