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सरग़ोशी...( Whisper...)


जो भ्रम में जीते हैं, उनका वर्तमान सुखद और संतोषजनक होता है परन्तु जो भ्रम की परिधियों को तोड़कर सत्य का साक्षात्कार करना चाहते हैं, उनका वर्तमान सदैव दुखद और असंतोषजनक होता है...
-२१ अप्रैल २००२
सत्य को कसौटियों पर तो उतरना ही पड़ता है।
-२५ अप्रैल २००२

सरग़ोशी...
हवा आई...
धीरे से परदा हिलाया...
और मेरे कानों को छूती हुई निकल गई...
शायद कुछ कानाफूसी कर गई...
मैं सोचता रहा...
शायद किसी  के एहसास की छुअन लेकर आई थी...
या किसी की खुशियों की खनखनाहट...
या फिर किसी बच्चे की उम्मीदों की लहर...
या... मेरी मंज़िल की सदा...
-२६ अप्रैल २००२

One who lives in the illusion their present is perfected and satisfied. But one who want to face the truth by breaking up the circumferences of the illusion their present is always tragic and unsatisfactory...
-21 Apr 2002
 Truth has to meet the criterion...
-25 Apr 2002

 Whisper...
Breeze came...
Waved curtain gently...
Rustled leaves...
And went out touching my ears...
Perhaps whispered something...
I was thinking...
Maybe brought someone’s touches of feeling...
Or plunk of anyone’s joys...
Or wave of expectations of a baby...
Or call of my destination...
-26 Apr 2002

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