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सपनों का मनोविज्ञान... (Psychology of Dreams...)


सपनों का मनोविज्ञान...

·                     सपने वो सच होते हैं जो अक्सर सच नहीं हो पाते। सपने ज़िन्दगी की हकीकत का आइना होते हैं। सपने हमारी मनःस्थितियों को प्रदर्शित करते हैं, हमारी कमजोरियों को दर्शाते हैं। कभी-कभी तो ये उन परिस्थितियों को व्यक्त करते हैं जिनसे जूझने का हम साहस नहीं जुटा पाते।
·                     सपने एक प्रकार से हमारे अंदर की मानसिक भूख और प्यास को अभिव्यक्त करते हैं, जिन्हे हम पूरा करने की कोशिश करते हैं या पूरा करने की इच्छा रखते हैं। इनका सम्बन्ध बहुत कुछ शारीरिक परिस्थितियों पर भी निर्भर करता है।
·                     वास्तव में सपने हमारी उन वर्तमान मानसिक परिस्थितियों को भी दिखाते है, जिनसे हम इंकार करते हैं, जिन्हे हम नकारना चाहते हैं या जिनको हम झूठ मानते हैं और शायद इसलिए कहते हैं कि सपने झूठ बोलते हैं।
·                     हमारे मन का एक हिस्सा कोरी स्लेट की तरह होता है और हमारा अवचेतन मन उस पर हर रात में कई बार कुछ न कुछ बनाता है और  अपनी थकावट को दूर करने के लिए यह प्रक्रिया एक चक्र में दोहराता रहता है। यह प्रक्रिया ही स्वप्न कहलाती है।
·                     सपनों का संसार बहुत ही अद्भुत, मायावी और रहस्यपूर्ण जान पड़ता है। वास्तव में देखा जाए तो अधिकांश सपने भूतकालिक अनुभवों की पुनरावृत्ति होते हैं परन्तु कई बार सपने भविष्य में छिपे हुए गूढ़ रहस्यों को भी संकेतों की भाषा में उजागर करते हैं। ये हमें सन्देश भी देते हैं और हमें आने वाले खतरों से आगाह भी करते हैं। ऐसे सपने संदेशवाहक सपने (प्रोफेटिक ड्रीम्स) कहलाते हैं। हमारा साहित्य, विज्ञान और अध्यात्म भी सपनों से अछूता नहीं है।  
·                     सपने देखने की प्रक्रिया पूर्वजन्म या पुनर्जन्म की घटना का ही सूक्ष्म रूप है। हर रात हम नींद के आग़ोश में जाते हैं। नींद की प्रक्रिया मृत्यु का ही सूक्ष्म अनुभव है। नींद में जाने के बाद हमारा पुनर्जन्म होता है और हम अपनी नींद से पहले की ज़िंदगी को काफी हद तक भूल जाते हैं।
·                     हम एक रात में तकरीबन ५ से ७ सपने देखते हैं परन्तु उनमे से अधिकांशतः जाग्रत अवस्था में आने तक भूल जाते हैं और कुछ ही सपने याद रख पाते हैं जो कि हम रेम (रैपिड आई मूवमेंट) के दौरान देखते हैं।
·                     कुछ लोग जो अधिक व्यवहारिक होते हैं, वे सपनों को महत्त्व नहीं देते परन्तु कवि, लेखक, दार्शनिक और ज्योतिषी जैसे लोगों के लिए सपने बहुत महत्त्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। सपनों का वास्तविक जीवन में बहुत महत्त्व होता है। शायद इसीलिए नेपोलियन और सिकंदर जैसे लोग भी अपने साथ स्वप्नफल निकलने वाले विचारकों को साथ रखते थे।
-११ नवंबर २००२ 

Psychology of Dreams...


·         Dreams are the truths which often not come true. Dreams are the mirror of the reality of life. Our dreams display our mental status, they reflect our weaknesses. Sometimes, they express those conditions by which we do not dare to struggle.
·         Dreams, in a way, reflect our inner mental hunger and thirst, which we try to meet or intend to meet. Much of their relationship depends on the physical conditions.
·         In fact dreams show those current mental conditions, which we deny, which we want to negate or whom we consider lie and that’s why we used to say that dreams lie.                            
·         A part of our mind is like a blank slate and our subconscious mind makes something on it several times every night and to relieve the exhaustion it repeats the process in a cycle. This process is called a dream.
·         The world of dreams seems very wonderful, elusive and enigmatic. In reality, most dreams are a repetition of past experiences, but sometimes dreams reveal the hidden secrets in the future in the language of signs. Such dreams are called Messengers dream (Prophetic Dreams). Our literature, science and spiritualism are also not untouched to dreams.
·         Process of dreaming is a microcosm of the event of the past life regression or rebirth. Every night we go to sleep lapped. The process of sleep is the subtle experience of death. We take rebirth after sleep and we forget life before sleep substantially.
·         We dream about 5 to 8 dreams at one night, but most of them forget to come in the waking state and a few of them can remember which we dream at REM (Rapid Eye Movement).
·         Some people who are more practical, they do not give importance to dreams but for the people like poet, writer, philosopher and astrologer dreams play very important role. Dreams in real life are very important. Perhaps that is why the people like Napoleon and Alexander used to keep dream interpreters along with them.

-11 November 2002

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