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कौन देगा जवाब...? (Who will answer...?)


अंतर्यात्रा

कौन देगा जवाब...?

क्या ये वही भारत है, जिसे पुण्यभूमि कहा जाता है? क्या ये वही भारत है, जहाँ देवताओं ने जन्म लिया? क्या ये वही भारत है, जहाँ नारी को मातृशक्ति के रूप में पूजा जाता है? क्या ये वही भारत है जिस पर विवेकानंद, गांधी, टैगोर और नेहरू जैसे लोगों को नाज़ था? क्या ये वही भारत है, जहाँ गौतम, नानक और महावीर जैसे महापुरुषों ने मोक्ष प्राप्त किया? क्या ये वही भारत है जिसकी देव संस्कृति को अपनाने के लिए विदेशी यहाँ खिंचे चले आते हैं?
अगर हाँ! तो फिर कहाँ सोए पड़े हैं आज वो देवता? कहाँ सोया पड़ा है वो सर्वशक्तिमान ईश्वर? क्या यही है गांधी और विवेकानंद के सपनों का भारत? क्या यही है वो भारत, जहाँ गुवाहाटी-दादर एक्सप्रेस में वह वहशियाना कुकृत्य हुआ? जहाँ एक मासूम लड़की की इज्जत से वहशत ने नंगा खेल खेला? क्या ये वही भारत है, जहाँ कई आदमी मिलकर दो घंटे तक दरिंदगी की तमाम हदें पर करते रहे? क्या ये वही भारत है, जहाँ कुछ लोग मानवता के चेहरे पर कालिख मलते रहे? क्या उन्हें उस मासूम के चेहरे में अपनी माँ, बहन या बेटी नजर नहीं आई? क्या उनकी आत्मा ने उन्हें इस दुष्कृत्य के लिए धिक्कारा नहीं?
क्या स्विट्ज़जेरलैंड की राजनायिक के साथ होने वाला बलात्कार, आये दिन छोटी-मासूम कन्याओं को टॉफी का लालच दिखाकर किए जाने वाले बलात्कार और शिक्षिकाओं से होने वाले बलात्कार हमारे नैतिक स्तर के पतन का प्रश्न नहीं उठाते? क्या ये बलात्कार हमारे समाज और संस्कृति पर कोढ़ नहीं हैं?
ये बलात्कार एक औरत के शरीर से नहीं बल्कि भारत की आत्मा से हो रहे हैं, उन सबकी आत्मा से हो रहे हैं जिनके अंदर थोड़ी सी भी मानवता सोई पड़ी है।
लेकिन हम इन प्रश्नों को कितने दिन याद रखेंगे? किसे पड़ी है इनका जवाब देने की? कौन देगा इन सारे जलते प्रश्नों के उत्तर? है कोई जवाब, मानवता का गला घोंटते इन सवालों का ? अगर नहीं है हमारे पास इनके कोई जवाब तो बैठे रहें हम चुपचाप और करते रहें उस वक़्त का इंतज़ार जब ये हादसा हमारे साथ होगा।
-१४ नवंबर २००३, शुक्रवार 

Adventure of the Truth…
Who will answer...?
Is it the same India, which is called ‘sacred land’? Is it the same India, where Gods were born? Is it the same India, where women are worshiped as the ‘Maternal power’? Is it the same India on which people such as Vivekananda, Gandhi, Tagore and Nehru used to pride?  Is this the same India where men like Gautama, Nanak and Mahavira have attained the salvation? Is this the same India where foreigners come to adopt dev culture of India by getting attracted?
If yes! Where those Gods have gone to sleep today? Where the Almighty God has slept? Is it the India of Gandhi and Vivekananda's dreams? Is this the same India, where the brutal malfeasance was done in Guwahati- Dadar Express? Is this the same India, where the heathenism played the nude game with the dignity of an innocent girl?  Is this the same India, where many people together tried to cross all the boundaries of heathenism for two hours?  Is this the same India, where some people rubbed soot on the face of humanity? Have they not seen their mother, sister or daughter in the face of the innocent? Didn’t their soul damn them for this malfeasance?
The rape with diplomatic of Switzerland, rape by teachers and rape with innocent little girls, by showing them lure of the candy, doesn’t raise questions on the collapse of our moral level? Are these rapes not leprosy on our society and culture?
These rapes are not happening with women’s body but happening with the soul of India.  These rapes are happening with all those who have slightest humanity within but how many days we shall remember these questions? Who is going to answer them? Who will answer these burning questions? Is there any answer to these questions, which are strangling humanity? If you do not have any answers then sit quietly and let's wait for the time when the accident will happen with us.
-14 November 2003, Friday


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